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बांज का वृक्ष

          उत्तराखंड एक पर्वतीय राज्य है  यहां पर वनों की अधिकता है राज्य में देवदार,,चीड, भोजपत्र, रिंगाल, बुरांश सिसम, साल आदि के वृक्ष पाये जाते है, लेकिन बांज का वृक्ष इन सभी वृक्ष में एक उपयोगी व बहुमूल्य प्राकृतिक वरदान वाला वृक्ष है विश्व में बांज आगे पढ़े

parmar vansh-gadhwal परमार वंश

परमार वंश (888~1804) उत्तराखंड परमार वंश से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य गढ़वाल में 52 गढ़ हुआ करते थे । गढ़वाल के कुछ प्रमुख गढ़ नागपुर गढ़ को पहला गढ़ माना जाता है । उप्पूगढ़ के शासक कफफू चौहान ने अजय पाल की अधीनता को स्वीकार नहीं किया था । नालगढ़ देहरादून में आगे पढ़े

रिंगाल

रिंगाल को बौना बांस भी कहा जाता है । रिंगल का वैज्ञानिक नाम किमनोबम्बुसा फलकाटा उत्तराखंड के सात(7) उत्पाद को  G.I टैग (भौगोलिक संकेत) प्रदान किया गया उनमें रिंगाल भी शामिल है ।  रिंगाल की कई प्रजातियां उत्तराखंड में मिलती है ।  जिनमें देव रिंगाल,गोलू रिंगाल, थाम रिंगाल, सराडू रिंगाल, भट्टपुत्रु आगे पढ़े

उत्तराखंड की पुरा प्रजाति

मानव प्रजाति का इतिहास कई लाखों वर्ष पुराना है मानव की उत्पत्ति अफ्रीका महाद्वीप में मानी जाती है भारत के संदर्भ में मानव का प्रथम साक्ष्य नर्मदा घाटी क्षेत्र में मिला था । भारत में आने वाले प्रजाति समूह में भारत में सर्वप्रथम आने वाली प्रजाति नीग्रो थे ।  नीग्रो प्रोटोऑस्टोलाइट आगे पढ़े

shankaracharya

आदिगुरू शंकराचार्य समाधि

5 नवम्बर 2021 को केदारनाथ धाम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दीपावली के एक दिन बाद आदिगुरू शंकराचार्य की  नवीन प्रतिमा को स्थापित किया है । आदिगुरू  शंकराचार्य  द्वारा मात्र 32 वर्ष की अवस्था में केदारनाथ धाम  से कुछ दूरी पर समाधि ली थी  । 16 व 17 जून की आगे पढ़े

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