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पौड़ी में मिला ऐतिहासिक शिलालेख, हेरिटेज म्यूजियम में किया जाएगा संरक्षित

हाल ही में पौड़ी गढ़वाल:

उत्तराखंड के पौड़ी जनपद से एक महत्वपूर्ण पुरातात्विक खोज सामने आई है। विकासखंड द्वारीखाल के अंतर्गत स्थित प्राथमिक विद्यालय पाली लंगूर (डाडामंडी) परिसर में मिले ऐतिहासिक शिलालेखों ने इतिहास और पुरातत्व के क्षेत्र में नई जिज्ञासा पैदा कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि विस्तृत अध्ययन के बाद यह खोज गढ़वाल क्षेत्र के शैक्षिक एवं प्रशासनिक इतिहास से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को उजागर कर सकती है।

पुरातत्व विभाग ने किया निरीक्षण

शिलालेख मिलने की सूचना प्रशासन तक पहुंचने के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुरातत्व विभाग को जांच के निर्देश दिए। इसके बाद प्रभारी जिला पुरातत्व अधिकारी के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टीम ने स्थल का निरीक्षण किया और शिलालेखों का सावधानीपूर्वक परीक्षण किया।

निरीक्षण के उपरांत इन शिलालेखों को सुरक्षित रूप से संरक्षित करते हुए विस्तृत अध्ययन के लिए पौड़ी लाया गया है, जहां विशेषज्ञ इनके निर्माण काल, लेखन शैली और ऐतिहासिक महत्व का विश्लेषण करेंगे।

1905 के आसपास का हो सकता है शिलालेख

प्रारंभिक अध्ययन में शिलालेख पर तत्कालीन ब्रिटिश वायसराय लॉर्ड कर्जन का उल्लेख मिलने की जानकारी सामने आई है। इसी आधार पर विशेषज्ञ इसे लगभग 1905 के आसपास का मान रहे हैं। हालांकि इसकी सटीक तिथि और ऐतिहासिक प्रमाणिकता की पुष्टि विस्तृत वैज्ञानिक एवं अभिलेखीय जांच के बाद ही की जाएगी।

शिक्षा के इतिहास से जुड़ सकते हैं महत्वपूर्ण तथ्य

स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस स्थान पर शिलालेख मिले हैं वहां ब्रिटिश काल में एक विद्यालय संचालित होता था। यह भी माना जाता है कि उस समय यहां शिक्षकों के प्रशिक्षण से संबंधित गतिविधियां आयोजित की जाती थीं। यदि जांच में इन तथ्यों की पुष्टि होती है, तो यह स्थल गढ़वाल क्षेत्र में प्रारंभिक शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों में से एक के रूप में महत्वपूर्ण पहचान प्राप्त कर सकता है।

विशेषज्ञ करेंगे ऐतिहासिक प्रमाणिकता की जांच

प्रशासन का कहना है कि शिलालेखों की ऐतिहासिकता और वास्तविक महत्व का मूल्यांकन विशेषज्ञों द्वारा किया जाएगा। शोध पूर्ण होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह खोज उत्तराखंड और विशेष रूप से गढ़वाल के शैक्षिक एवं सांस्कृतिक इतिहास में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका रखती है।

हेरिटेज म्यूजियम में होंगे सुरक्षित

इन ऐतिहासिक शिलालेखों को भविष्य में पौड़ी में निर्माणाधीन कलेक्ट्रेट हेरिटेज म्यूजियम में सुरक्षित रूप से संरक्षित करने की योजना है। इससे न केवल इन दुर्लभ धरोहरों का संरक्षण सुनिश्चित होगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी क्षेत्र के इतिहास और विरासत के बारे में जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

स्थानीय लोगों में उत्साह

इस खोज से आसपास के ग्रामीणों में खुशी और उत्साह का माहौल है। लोग इसे अपने क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान से जोड़कर देख रहे हैं। प्रशासन ने भी नागरिकों से अपील की है कि यदि भविष्य में कहीं कोई पुरातात्विक अवशेष, शिलालेख या प्राचीन वस्तु मिले, तो उसे सुरक्षित रखते हुए संबंधित विभाग को तत्काल सूचना दें, ताकि उस धरोहर का वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण किया जा सके।

निष्कर्ष

पौड़ी गढ़वाल में मिला यह शिलालेख केवल एक पुरानी पत्थर की पट्टिका नहीं, बल्कि उत्तराखंड के इतिहास की एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकता है। यदि विशेषज्ञों की जांच में इसकी ऐतिहासिक महत्ता प्रमाणित होती है, तो यह खोज गढ़वाल के शैक्षिक विकास, औपनिवेशिक काल और सांस्कृतिक विरासत के अध्ययन में नई

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