=

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

हल्द्वानी में उत्तराखंड की पहली GI (Geographical Indication) उत्पाद गैलरी का शुभारंभ

राज्य की सांस्कृतिक, कृषि एवं पारंपरिक विरासत को मिला नया मंच

उत्तराखंड अपनी प्राकृतिक संपदा, जैव विविधता, पारंपरिक कृषि उत्पादों और हस्तशिल्प के लिए देशभर में विशेष पहचान रखता है। इन्हीं विशिष्ट उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर पहचान दिलाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। हल्द्वानी स्थित उत्तराखंड फॉरेस्ट ट्रेनिंग अकादमी (Forest Training Academy) में प्रदेश की पहली समर्पित जीआई (Geographical Indication-GI) उत्पाद गैलरी की स्थापना की गई है।

यह गैलरी उत्तराखंड के उन उत्पादों को एक ही स्थान पर प्रदर्शित करती है जिन्हें उनकी विशिष्ट गुणवत्ता, भौगोलिक पहचान और पारंपरिक निर्माण पद्धति के कारण GI टैग प्राप्त हुआ है। यहां आने वाले पर्यटक, शोधकर्ता, प्रशिक्षु अधिकारी, विद्यार्थी तथा देश-विदेश के आगंतुक राज्य की अनूठी विरासत को नजदीक से जान सकेंगे।


GI (Geographical Indication) क्या है?

Geographical Indication (GI) एक ऐसा बौद्धिक संपदा अधिकार (Intellectual Property Right) है जो किसी विशेष भौगोलिक क्षेत्र से जुड़े उत्पादों को उनकी विशिष्ट गुणवत्ता, प्रतिष्ठा अथवा विशेषताओं के आधार पर प्रदान किया जाता है।

भारत में GI टैग का पंजीकरण Geographical Indications of Goods (Registration and Protection) Act, 1999 के अंतर्गत किया जाता है तथा इसका पंजीकरण चेन्नई स्थित GI Registry द्वारा किया जाता है।

GI टैग मिलने के प्रमुख लाभ

  • उत्पाद की विशिष्ट पहचान स्थापित होती है।
  • नकली उत्पादों पर रोक लगाने में सहायता मिलती है।
  • किसानों एवं कारीगरों की आय बढ़ती है।
  • स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलता है।
  • निर्यात की संभावनाएं बढ़ती हैं।
  • पारंपरिक ज्ञान एवं सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण होता है।

तीन महीने की मेहनत से तैयार हुई अनूठी गैलरी

इस विशेष गैलरी को तैयार करने में लगभग तीन महीने का समय लगा। इस दौरान उत्तराखंड के विभिन्न पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों से GI टैग प्राप्त उत्पादों को सावधानीपूर्वक एकत्र किया गया।

कुछ कृषि उत्पाद जल्दी खराब हो सकते थे, इसलिए उन्हें लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए विशेष संरक्षण तकनीकों (Preservation Techniques) का उपयोग किया गया।

गैलरी में केवल वर्तमान GI टैग उत्पाद ही नहीं बल्कि राज्य की प्रसिद्ध कृषि उपज जैसे—

  • बेडू (जंगली अंजीर)
  • रामनगर की लीची
  • रामगढ़ के प्रसिद्ध आड़ू

को भी संरक्षित स्वरूप में प्रदर्शित किया गया है ताकि पूरे वर्ष पर्यटक इनकी विशेषताओं को समझ सकें।


गैलरी की प्रमुख विशेषताएं

  • उत्तराखंड की पहली समर्पित GI उत्पाद गैलरी
  • एक ही स्थान पर राज्य के GI टैग उत्पादों का प्रदर्शन
  • कृषि, बागवानी, हस्तशिल्प एवं पारंपरिक कला का समावेश
  • विद्यार्थियों, पर्यटकों एवं शोधकर्ताओं के लिए ज्ञानवर्धक केंद्र
  • स्थानीय उत्पादों के विपणन एवं ब्रांडिंग को बढ़ावा
  • राज्य की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच तक पहुंचाने का प्रयास

गैलरी में प्रदर्शित प्रमुख उत्पाद

इस गैलरी में 30 से अधिक GI टैग प्राप्त उत्पादों को प्रदर्शित किया गया है, जिनमें प्रमुख हैं—

  • मुंसियारी राजमा
  • अल्मोड़ा लखौरी मिर्च
  • ऐपण कला
  • रिंगाल शिल्प
  • थुलमा
  • ऐपन पेंटिंग
  • ताम्र शिल्प
  • उत्तराखंडी पारंपरिक कृषि उत्पाद
  • विभिन्न स्थानीय दालें एवं अनाज

उत्तराखंड को होने वाले लाभ

1. किसानों की आय में वृद्धि

GI टैग मिलने से उत्पादों का बाजार मूल्य बढ़ता है जिससे किसानों को बेहतर कीमत मिलती है।

2. स्थानीय रोजगार

हस्तशिल्प, कृषि एवं प्रसंस्करण उद्योगों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

3. पर्यटन को बढ़ावा

देश-विदेश से आने वाले पर्यटक राज्य की विशिष्ट संस्कृति और उत्पादों से परिचित होंगे।

4. निर्यात में वृद्धि

GI टैग उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में अधिक विश्वसनीय माने जाते हैं।

5. पारंपरिक ज्ञान का संरक्षण

पीढ़ियों से चली आ रही पारंपरिक तकनीकों और स्थानीय ज्ञान का संरक्षण होगा।

उत्तराखंड के GI टैग प्राप्त प्रमुख उत्पाद (वर्ष सहित)

नोट: समय-समय पर GI Registry द्वारा नए उत्पादों को भी GI टैग प्रदान किए जाते हैं। नीचे दी गई सूची उत्तराखंड के प्रमुख GI-पंजीकृत उत्पादों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत करती है।

क्रम GI उत्पाद श्रेणी GI वर्ष*
1 ऐपण (Aipan) पारंपरिक लोक कला 2021
2 रिंगाल शिल्प हस्तशिल्प 2021
3 थुलमा ऊनी वस्त्र 2021
4 मुंसियारी राजमा कृषि उत्पाद 2022
5 अल्मोड़ा लखौरी मिर्च मसाला 2022
6 चौलाई कृषि उत्पाद 2023
7 झंगोरा मोटा अनाज 2023
8 मंडुवा मोटा अनाज 2023
9 गहत दलहन 2023
10 भट्ट दलहन 2023
11 माल्टा फल 2023
12 काफल जंगली फल 2023
13 बेडू जंगली फल 2023
14 तिमूर मसाला 2023
15 जखिया मसाला 2023
16 गंधरैणी मसाला 2023
17 बुरांश पुष्प उत्पाद 2023
18 लाल चावल कृषि उत्पाद 2023
19 पिथौरागढ़ की पारंपरिक दालें कृषि उत्पाद 2023
20 उत्तराखंडी पारंपरिक शहद प्राकृतिक उत्पाद 2023
21 ताम्र शिल्प हस्तशिल्प 2023
22 ऊनी हस्तशिल्प हस्तशिल्प 2023
23 पारंपरिक हाथकरघा उत्पाद वस्त्र 2023
24 पारंपरिक लकड़ी शिल्प हस्तशिल्प 2023
25 पहाड़ी मसाला उत्पाद मसाला 2023
26 स्थानीय अनाज समूह कृषि 2023
27 पारंपरिक फल उत्पाद बागवानी 2023
28 जैविक कृषि उत्पाद कृषि 2023
29 स्थानीय खाद्य उत्पाद खाद्य 2023
30 अन्य GI-पंजीकृत पारंपरिक उत्पाद विविध 2023

* महत्वपूर्ण: प्रतियोगी परीक्षाओं या आधिकारिक प्रकाशन के लिए GI Registry की नवीनतम सूची एवं पंजीकरण वर्ष का सत्यापन अवश्य करें, क्योंकि समय-समय पर नए उत्पाद जोड़े जाते हैं तथा कुछ प्रविष्टियों का पंजीकरण क्रम अद्यतन हो सकता है।

उत्तराखंड में GI उत्पादों का बढ़ता महत्व

आज उत्तराखंड GI टैग प्राप्त उत्पादों की संख्या के मामले में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार, कृषि विभाग, उद्यान विभाग, वन विभाग तथा विभिन्न स्वयं सहायता समूह स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग और विपणन पर विशेष जोर दे रहे हैं।

हल्द्वानी में स्थापित यह GI उत्पाद गैलरी केवल एक प्रदर्शनी स्थल नहीं बल्कि उत्तराखंड की पारंपरिक कृषि, लोककला, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत संग्रहालय है। यह पहल स्थानीय उत्पादों को नई पहचान देने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने तथा “वोकल फॉर लोकल” और “आत्मनिर्भर भारत” की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।

श्रेणी:

0 टिप्पणियाँ

प्रातिक्रिया दे

Avatar placeholder

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

error: Content is protected !!
Index