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* उत्तराखंड एक पर्वतीय राज्य होने के साथ-साथ यहां पर जल संसाधन का बहुत बड़ा भंडार है यहां पर अनेक नदियां प्रवाहित होती है, जिन पर जल विद्युत परियोजनाओं की स्थापना की गई है और भविष्य में भी जल विद्युत की संभावनाएं है ।

  1. उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (UJVNL) का गठन अप्रैल 2001 में किया गया था ।
  2. 1 जनवरी 2004 पावर ट्रांस मिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड पिटकुल (PTCUL) की स्थापना की गई थी ।
  3. उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) इसका गठन – बिजली वितरण करने के लिये किया गया है ।

* उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी (UREDA) (उत्तराखंड रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी ) इसका निर्माण वैकल्पिक ऊर्जा के स्रोत को बढ़ावा देने के लिए किया गया है,इसका उद्देश्य लघु जल विद्युत परियोजना के साथ-साथ पवन ऊर्जा को व वाटर मिल्स, घाराटों को अपडेट करने का कार्य है ।

* इसका मुख्यालय अल्मोड़ा में है

* टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन इण्डिया लिमिटेड – यह भारत सरकार व उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त रूप से स्वामित्व वाली कंपनी है। इसकी स्थापना 1988 में की गयी टिहरी हाइड्रो पावर कॉम्प्लेक्स और अन्य हाइड्रो प्रोजेक्ट को विकसित करने व संचालित करने इसे बनाया गया है।

* वर्तमान में कंपनी के पास चार बिजली संयंत्र हैं- 1- टिहरी बांध (1000 मेगावाट), 2- कोटेश्वर बांध (400 मेगावाट), 3- पाटन (गुजरात) में 50 मेगावाट पवन परियोजना और 3- द्वारका (गुजरात) में 63 मेगावाट पवन परियोजना ।

* इसके अलावा, 10 से अधिक परियोजनाएं निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं। टिहरी पीएसपी (1000 मेगावाट) और विष्णुगाड-पीपलकोटी एचईपी (444 मेगावाट) अग्रिम चरण में हैं ।जो निर्माधीन

जल विद्युत परियोजन

* विद्युत उत्पादन के सिद्धान्त की खोज का श्रेय माइकल फैराडे को जाता है जो उन्होंने 1820-1830 के दशक में की थी।

* इनका सिद्धान्त तार की एक कुंडली को किसी चुम्बकीय क्षेत्र में घुमाकर विद्युत उत्पन्न करना मूल सिद्धान्त है ।

जल विद्युत

* जल द्वारा उत्पन्न तथा जल से प्राप्त होने वाली ऊर्जा को जल विद्युत कहते है ।

* जल विद्युत हम बहते हुये या गिरते हुये जल की गतिज ऊर्जा से प्राप्त होती है ।

* उत्तराखंड में छोटी-बड़ी अनेक जल विद्युत परियोजना है ।

1- ग्लोगी परियोजन –

* यह उत्तर भारत व उत्तराखंड की प्रथम जल विद्युत परियोजना थी जो ब्रिटीश शासन काल में मसूरी के भट्टाफॉल में लगाई गई थी ।

* ग्लोगी जल विद्युत परियोजना का खाका तत्कालीन इंजीनियर ई- बिलिंगहर्ट ने तैयार किया था।

* 1890 ग्लोगी परियोजना निर्माण कार्य शुरू किया गया था,कर्नल बेल की देखरेख में यह परियोजना 1907 में बनकर तैयार हो गई थी ।

* लेकिन बिजली उत्पादन का शुभारंभ विधिवत 25 मई 1909 को इस जल विद्युत गृह से गया था।

* परियोजना  के लिए  विद्युत उत्पादन करने वाली  टरबाइन को लंदन से खरीदा गया था ।

2- मोहम्मदपुर परियोजना

* यह स्वतंत्रता से पूर्व गंग नहर हरिद्वार में बनाई गई है ।

 3- पथरी परियोजना

* यह भी स्वतंत्रता से पूर्व है गंग नहर हरिद्वार में बनाई गई है ।

4- टिहरी बांध परियोजना –

परिचय

* टिहरी बांध जनपद टिहरी में भागीरथी व उसकी सहायक नदी भिलंगना नदी के संगम पर में स्थित है ।

* टिहरी बांध विश्व के ऊँचे बांधों में शामिल है, यह भारत का सबसे ऊँचा बांध भी है इसकी ऊँचाई 260.05 मीटर है ।

* टिहरी बांध को स्वामी राम तीर्थ सागर बांध के नाम से भी जाना जाता है ।

टिहरी बांध इतिहास

* टिहरी बांध का डिजाईन जेम्स ब्रून ने बनाया था ।

* टिहरी बांध परियोजना को 1972 में स्वीकृती दी गयी ।

* लेकिन जन विरोध के कारण निर्माण 1978 प्रारम्भ किया गया ।

* 1986 सोवियत रूस के राष्ट्रपति मिखाइल गोर्वाच्योव ने सहयोग दिया था ।

* वर्ष 2006 प्रथम फेस में विद्युत उत्पादन शुरुआत हुई ।

टिहरी बांध जल विद्युत क्षमता व ईकाई

* प्रारम्भ में टिहरी बांध की विद्युत क्षमता 600 मेगावाट थी ।

* वर्तमान क्षमता 2400 मेगावाट इसकी तीन प्रमुख ईकाई है प्रथम ईकाई –

* टिहरी बांध एवं जल विद्युत परियोजना -1000 मेगावाट

* टिहरी पम्प स्टोरेज प्लांट परियोजना – 1000 मेगावाट

* कोटेश्वर बांध एवं जल विद्युत परियोजना – 400 मेगावाट

* राष्ट्रीय गाँव की संज्ञा दी गयी है ।

टिहरी बांध विरोध आन्दोलन

* ऐतिहासिक टिहरी रियासत ( टिहरी शहर) के जलमग्न जनभवना व टिहरी शहर के लोगों को विस्थापित करने को लेकर प्रारम्भ से ही इस परियोजना को विरोध का सामना करना पड़ा था ।

* सर्वप्रथम बांध का विरोध राजमाता कमलेन्दु शाह ने किया था ।

* 1978 बांध विरोधी समिति का गठन विद्यसागर नौटियाल द्वारा किया गया बाद में सुंदर लाल बहुगुणा भी जुड़े उन्होंने इस परियोजना के विरोध अनशन लम्बा संघर्स किया था

देहरादून जनपद की जल विद्युत परियोजना

खोदरी परियोजना यमुना नदी
हथियारी परियोजना यमुना नदी
लखवाड परियोजना  यमुना नदी
कुल्हाल परियोजना  यमुना नदी
किसाऊँ परियोजना टोंस नदी
छिबरों परियोजना टोंस नदी
   

टिहरी जनपद की जल विद्युत परियोजना

झालाकोट परियोजना धर्मगंगा नदी
कोटेश्वर बांध भागीरथी नदी
लगरासू परियोजना अलगाड़
भिलंगना बांध  भिलंगना नदी
कोटली भेल गंगा

उत्तरकाशी जनपद की जल विद्युत परियोजना

पाला परियोजना भागीरथी नदी
मनेरी भाली परियोजना भागीरथी नदी
तिलोक विद्युत पावर हाउस भागीरथी नदी
जोशीयाड़ा परियोजना  भागीरथी नदी
नैटवाड़मोरीपरियोजना टोंस नदी
जखोलीसांकरी परियोजना टोंस नदी
लिमचीगाड़ परियोजना भागीरथी नदी

चमोली जनपद की जल विद्युत परियोजनाएं

उर्गम परियोजना कल्पगंगा नदी
देवसारी परियोजना पिंडर नदी
विष्णुगाड़ परियोजना अलकनंदा नदी
गोहना परियोजना विरहीगंगा
वनाला परियोजना नंदाकिनी नदी
गरुड़ गंगा परियोजना गरुड़गंगा नदी
राजवक्ती परियोजना नंदाकिनी नदी
कैलगंगा परियोजना पिंडर नदी

पौड़ी गढ़वाल जनपद की जल विद्युत परियोजना

चीला परियोजना गंगा नदी
कालागढ़ परियोजना प० रामगंगा
दुजाऊ परियोजना प० नायर नदी
उत्सायू बांध अलकनंदा नदी
   

रुद्रप्रयाग जनपद की जल विद्युत परियोजना

चुन्नी सेम परियोजना मंदाकनी नदी
रामवाडा फाटक परियोजना मंदाकनी नदी

कुमांऊ की जल विद्युत परियोजनाएं

पिथौरागढ़ जनपद की जल विद्युत परियोजनाएं

धौली गंगा परियोजना धौलीगंगा
बोकंगबोलिंग परियोजना धौली पश्चिमी गंगा
किरमोली परियोजना गौरी गंगा
रूशियाबगढ़ परियोजना गौरी गंगापुर
जिम्बागाड़ परियोजना   जिम्बागाड़
गब्यार्ग परियोजन महाकाली नदी
मोती घाट परियोजना शेर घाट
सूरिनागाड़ परियोजना सूखीगाड़

उधमसिंह नगर जनपद की जल विद्युत परियोजना

खटीमा परियोजना शारदा नदी
लोहियाहेड परियोजना शारदा नदी
नानकसागर बांध नैनधोर नदी
तुमड़ीया बांध फीका नदी
बैगुल बांध   बैगुल और सुखली नदी

अल्मोड़ा जनपद की जल विद्युत परियोजनाएं

कोठार बांध कोसी नदी
भालू डैम(चौबटिया)  यह बांध ब्रिटिश सरकार द्वारा बनाया गया था

बागेश्वर जनपद की जल विद्युत परियोजना

लोहारखेत परियोजना रामगंगा

चम्पावत जनपद की जल विद्युत परियोजना

टनकपुर परियोजना शारदा नदी

 

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2 टिप्पणियाँ

  • Guruji · नवम्बर 20, 2020 पर 10:15 पूर्वाह्न

    always welcome

    Guruji · दिसम्बर 4, 2020 पर 10:38 पूर्वाह्न

    thanks

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