वन्य जीव अभ्यारण
वन्य जीव संरक्षण में जब किसी क्षेत्रीय प्राकृतिक ईकाई में किसी विशिष्ट जाति-प्रजाति के वन्य प्राणी को संरक्षित किया जाता है, तो उसे वन्य जीव अभ्यारण कहते है।
वन्य जीव संरक्षण 1972 के अधिनियम के अनुसार राज्य सरकार किसी क्षेत्र को जैव विविधता एवं प्राकृतिक भौगोलिक दृष्टि से अगर उसे महत्वपूर्ण मानती है तो वह वन्य जीव अभ्यारण घोषित किया जा सकता है ।
* वन्य जीव अभ्यारण में मानव गतिविधी की अनुमति दी जा सकती है ।
*वन्य जीव अभ्यारण में पालतू पशुओं के चारण की अनुमति होती है ।
* वन्य जीव अभ्यारण को राष्ट्रीय पार्क में प्रवर्तित किया जा सकता है ।
* उत्तराखंड राज्य में 7 वन्य जीव अभ्यारण है ।
* क्षेत्रफल के आधार पर सबसे बड़ा वन्य जीव विहार केदार नाथ वन्यजीव विहार
* क्षेत्रफल के आधार पर सबसे छोटा वन्य जीव विहार – मसूरी वन्यजीव विहार
* सबसे नया वन्यजीव विहार-नंधौर वन्यजीव विहार
* सबसे पुराना वन्य जीव विहार – गोविन्द वन्यजीव विहार
1- केदारनाथ वन्य जीव विहार
(Kedarnath wildlife sanctuary )
* यह चमोली रुद्रप्रयाग जनपद में फैला हुआ है ।
* इसकी स्थापना वर्ष- 1972 में हुई थी ।
* क्षेत्र विस्तार – 957 .20 वर्ग किमी है ।
* राज्य का सबसे बड़ा वन्यजीव विहार है ।
* वन्यजीव – सभी प्रकार के पहाड़ी वातावरण में निवास करने वाले जीव-कस्तुरी मृग, भरल, गुलदार, भालु, स्नोलेपर्ड आदि
2- अस्कोट वन्य जीव विहार
(Askot wildlife sanctuary )
* पिथौरागढ़ जनपद में फैला हुआ है ।
* इसकी स्थापना वर्ष -1986 में हुई थी ।
* क्षेत्र विस्तार – 599 .93 वर्ग किमी है ।
* वन्यजीव – सभी प्रकार के पहाड़ी वातावरण में निवास करने वाले जीव-कस्तुरी मृग, मोनाल,भरल, गुलदार, पहाड़ी तीतर भालु, स्नोलेपर्ड आदि
* राज्य में सबसे ज्यादा कस्तूरी मृग यहाँ पाये जाते हैं ।
3- गोविंद वन्य जीव विहार
( Govind wildlife sanctuary )
* उत्तरकाशी जनपद में फैला हुआ है ।
* इसकी स्थापना वर्ष – 1 मार्च 1955 हुई थी ।
* क्षेत्र विस्तार – 485.89 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है ।
* वन्यजीव – सभी प्रकार के पहाड़ी वातावरण में निवास करने वाले जीव-कस्तुरी मृग, गोल्डन ईगल, ईगल भरल , गुलदार, भूरा भालु, स्नोलेपर्ड आदि ।
* स्थापना वर्ष का आधार पर सबसे पुराना वन्य जीव विहार ।
* इस वन्यजीव विहार के पास रुइंसियारा झील है ।
4-सोना नदी वन्य जीव विहार
(Vinsar wildlife sanctuary )
* यह पौड़ी जनपद में फैला हुआ है ।
* इसकी स्थापना वर्ष 1987 हुई थी ।
* क्षेत्र विस्तार – 301.18 वर्ग किमी० है ।
वन्यजीव – सभी प्रकार के पहाड़ी वातावरण में निवास करने वाले जीव-कस्तुरी मृग, ईगल भरल , गुलदार, भूरा भालु, स्नोलेपर्ड,किंग फिशर आदि पाये जाते है ।
5- बिनसर वन्य जीव विहार
(Vinsar wildlife sanctuary )
* यह अल्मोड़ा जनपद में है ।
* इसकी स्थापना वर्ष 1988 में हुई थी ।
* इसका क्षेत्र विस्तार – 47.07 वर्ग किमी० है ।
वन्यजीव – सभी प्रकार के पहाड़ी वातावरण में निवास करने वाले जीव- घुरल,काकड़, ईगल, भरल , गुलदार, काला भालु, जंगली सुअर,जंगली मुर्गे आदि पाये जाते है ।
6- मसूरी वन्य जीव विहार
(Mussoories wildlife sanctuary )
* यह देहरादून जनपद में फैला हुआ है ।
* इसका एक उपनाम विनयोग माउंट क्लेव वन्यजीव विहार भी है ।
* इसकी स्थापना वर्ष- 1993 में हुई थी ।
* क्षेत्र विस्तार-10.82 वर्ग किमी है ।
* वन्यजीव – सभी प्रकार के पहाड़ी वातावरण में निवास करने वाले जीव जंगली मुर्गे,घुरल, काकड, भरल , गुलदार, भालु, बटेर, आदि पाये जाते है ।
* क्षेत्रफल के आधार पर सबसे छोटा वन्य जीव विहार – मसूरी वन्यजीव विहार
7- नंधौर वन्यजीव विहार (Nandhur wildlife sanctuary )
* नैनीताल जनपद में फैला हुआ है ।
* इसकी स्थापना वर्ष -2012 में हुई थी ।
* इसका क्षेत्र विस्तार -269 वर्ग किमी है ।
* यह स्थापना वर्ष के आधार पर राज्य का सबसे नया वन्यजीव विहार है ।
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