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घरेलू क्रिकेट में दमदार प्रदर्शन
वैभव ने घरेलू क्रिकेट में कई शानदार प्रदर्शन किए। बिहार के लिए खेलते हुए उन्होंने विनू मांकड़ ट्रॉफी में पांच मैचों में 400 रन बनाए। इसके बाद उनकी चर्चा पूरे क्रिकेट जगत में होने लगी। 12 साल की उम्र में उन्होंने बिहार के लिए रणजी ट्रॉफी में डेब्यू किया और रिकॉर्ड कायम किया।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमका सितारा
वैभव का नाम तब सुर्खियों में आया जब उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अंडर-19 टेस्ट मैच में मात्र 58 गेंदों में शतक जड़कर इतिहास रच दिया। वह भारत की ओर से सबसे तेज शतक लगाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए। उस मैच में उन्होंने 104 रनों की पारी खेली और भारत को जीत दिलाई। इस प्रदर्शन के बाद वैभव पर कई आईपीएल टीमों की नजर पड़ी, और राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें अपने साथ जोड़ने का फैसला किया।
आईपीएल में शानदार शुरुआत की उम्मीद
राजस्थान रॉयल्स, जो युवा खिलाड़ियों को निखारने के लिए जानी जाती है, ने वैभव को अपनी टीम में शामिल करके एक नया आयाम दिया है। टीम में उन्हें राहुल द्रविड़ जैसे मेंटर का मार्गदर्शन मिलेगा, जो युवा प्रतिभाओं को तराशने के लिए मशहूर हैं।
वैभव सूर्यवंशी की तुलना पहले ही कई बड़े खिलाड़ियों से की जा रही है। उनकी तकनीक, क्लास और एलीगेंस उन्हें भारतीय क्रिकेट का एक बड़ा सितारा बनाने की ओर अग्रसर कर रहे हैं।
बिहार का गर्व, देश का सितारा
वैभव सूर्यवंशी का यह सफर बिहार के लिए गर्व की बात है। उन्होंने यह साबित कर दिया कि सीमित संसाधन होने के बावजूद भी यदि मेहनत और लगन हो, तो हर सपना सच किया जा सकता है।
उनकी कहानी लाखों युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करेगी।
“जिया हो बिहार के लाला, जिया तू हजार साला।”
वैभव के लिए शुभकामनाएं
13 साल की उम्र में आईपीएल जैसे मंच पर अपनी पहचान बनाने वाले वैभव सूर्यवंशी को ढेर सारी शुभकामनाएं। उम्मीद है कि वह भारतीय क्रिकेट में नई ऊंचाइयां छुएंगे और बिहार के साथ-साथ पूरे देश का नाम रोशन करेंगे।
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