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उत्तराखंड का ‘लाइब्रेरी गांव’ – मणगु: जहाँ किताबें बन गईं विकास की नई पहचान

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के अगस्त्यमुनि विकासखंड में स्थित मणगुह (Manigu/मणगुह) गांव आज अपनी अनूठी साहित्यिक पहल के कारण पूरे देश में विशेष पहचान बना रहा है। शांत प्राकृतिक वातावरण, हिमालयी संस्कृति और पुस्तकों के प्रति लोगों का बढ़ता प्रेम इस गांव को अन्य गांवों से अलग बनाता है। इसी कारण इसे उत्तराखंड का “लाइब्रेरी गांव” भी कहा जाता है।

इस परिवर्तन के पीछे ‘हमारा गांव घर फाउंडेशन’ की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। संस्था के प्रयासों से गांव में पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हजारों पुस्तकों का संग्रह तैयार किया गया है। वर्तमान में यहां 20,000 से अधिक पुस्तकें उपलब्ध हैं, जिनका लाभ स्थानीय लोगों के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले पर्यटक भी उठा रहे हैं।

बुक टेंपल – ज्ञान के छोटे केंद्र

मणगु गांव की सबसे खास विशेषता इसके 8 बुक टेंपल (Book Temples) हैं। ये छोटे-छोटे पुस्तकालय गांव के पैदल रास्तों और प्राकृतिक स्थलों पर बनाए गए हैं। यहां कोई भी व्यक्ति कुछ समय बैठकर अपनी पसंद की पुस्तक पढ़ सकता है और प्रकृति के बीच ज्ञान का आनंद ले सकता है।

पुस्तक तीर्थ’ – गांव का मुख्य पुस्तकालय

गांव का मुख्य पुस्तकालय ‘पुस्तक तीर्थ’ कहलाता है। यहां हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, संस्कृत, कश्मीरी, पंजाबी सहित अनेक भाषाओं की 20,000 से अधिक पुस्तकें संग्रहित हैं। साहित्य, इतिहास, विज्ञान, संस्कृति, बच्चों की किताबें तथा प्रेरणादायक पुस्तकों का विशाल संग्रह इसे एक समृद्ध ज्ञान केंद्र बनाता है।

संस्कृति और परंपरा का संरक्षण

मणगु केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्थानीय संस्कृति को भी जीवंत बनाए रखने का कार्य कर रहा है। यहां आयोजित होने वाले ‘गांव-घर महोत्सव’ के माध्यम से पारंपरिक पहाड़ी व्यंजन जैसे मंडुवे की रोटी, भट्ट की चुड़कानी तथा स्थानीय हस्तशिल्प को बढ़ावा दिया जाता है। इससे गांव की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिल रही है।

शिक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में पहल

इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा को बढ़ावा देना, विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के लिए पढ़ाई के अवसर उपलब्ध कराना तथा गांवों से होने वाले पलायन को कम करना है। पुस्तकों के माध्यम से ज्ञान, जागरूकता और आत्मविश्वास बढ़ाने का यह प्रयास ग्रामीण विकास का एक प्रेरणादायक उदाहरण बन चुका है।

निष्कर्ष

मणगु गांव यह संदेश देता है कि यदि समाज और स्थानीय लोग मिलकर सकारात्मक पहल करें, तो एक छोटा-सा गांव भी पूरे देश के लिए प्रेरणा बन सकता है। यह गांव केवल एक पुस्तकालय नहीं, बल्कि शिक्षा, संस्कृति, पर्यटन और सामुदायिक विकास का जीवंत मॉडल है। उत्तराखंड का यह लाइब्रेरी गांव आने वाली पीढ़ियों के लिए ज्ञान और प्रेरणा का अनमोल केंद्र बनकर उभर रहा है।

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