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भारत के प्रमुख राजनैतिक दल या राजनैतिक पार्टी

राष्ट्रीय राजनीतिक दल राष्ट्रीय पार्टी          राष्ट्रीय पार्टी वह पार्टी होती है, जिसका विस्तार पूरे राष्ट्रीय में होता  है अर्थात यह राष्ट्रीय स्तर की  पार्टी होती  है I राष्ट्रीय स्तर के दल को मान्यता प्राप्त करने के लिए किसी भी राजनीतिक दल को लोकसभा या विधानसभा के आगे पढ़े

भाषा क्या, भाषा के रूप भाषा परिवार और भारतीय भाषाएं

        भाषा शब्द संस्कृत की भाष्’ धातु से बना  है, भाष्’ का  अर्थ  होता है बोलना  भाषा मूलतः ध्वनि संकेतों की एक व्यवस्था है, यह मानव मुख से निकली अभिव्यक्ति है I यह विचारों के आदान-प्रदान का एक सामाजिक साधन है और इसके शब्दों के अर्थ  प्राय:  आगे पढ़े

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कौसानी

        कौसानी उत्तराखंड  में बागेश्वर जनपद  में  स्थित अत्यधिक सुंदर  हिल स्टेशन है, इसकी  सुंदरता का पता इस बात से लगाया जा सकता है, कि राष्ट्रीय पिता गाँधी जी ने इसे भारत का स्विटजरलैंड कहा था |  कौशिक मुनि की तपस्थली होने से इसका आधुनिक नाम कौसानी आगे पढ़े

उत्तराखंड राज्य परिवहन, उत्तराखंड NH व उनके नयें नाम

        सड़क परिवहन हमारे अर्थव्यवथा का अभिन्न अंग है उत्तराखंड पर्वती राज्य है यहाँ सड़क  मार्ग अत्यधिक ऊंचाई पर व् दुर्गम    है क्योंकि यहां बरसात होने पर भूस्खलन होता रहता है और मार्गों में बाधा आती रहती है । राज्य में सड़क परिवाहन व्यवसाय का अधिकांश आगे पढ़े

बांज का वृक्ष

          उत्तराखंड एक पर्वतीय राज्य है  यहां पर वनों की अधिकता है राज्य में देवदार,,चीड, भोजपत्र, रिंगाल, बुरांश सिसम, साल आदि के वृक्ष पाये जाते है, लेकिन बांज का वृक्ष इन सभी वृक्ष में एक उपयोगी व बहुमूल्य प्राकृतिक वरदान वाला वृक्ष है विश्व में बांज आगे पढ़े

parmar vansh-gadhwal परमार वंश

परमार वंश (888~1804) उत्तराखंड परमार वंश से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य गढ़वाल में 52 गढ़ हुआ करते थे । गढ़वाल के कुछ प्रमुख गढ़ नागपुर गढ़ को पहला गढ़ माना जाता है । उप्पूगढ़ के शासक कफफू चौहान ने अजय पाल की अधीनता को स्वीकार नहीं किया था । नालगढ़ देहरादून में आगे पढ़े

रिंगाल

रिंगाल को बौना बांस भी कहा जाता है । रिंगल का वैज्ञानिक नाम किमनोबम्बुसा फलकाटा उत्तराखंड के सात(7) उत्पाद को  G.I टैग (भौगोलिक संकेत) प्रदान किया गया उनमें रिंगाल भी शामिल है ।  रिंगाल की कई प्रजातियां उत्तराखंड में मिलती है ।  जिनमें देव रिंगाल,गोलू रिंगाल, थाम रिंगाल, सराडू रिंगाल, भट्टपुत्रु आगे पढ़े

उत्तराखंड की पुरा प्रजाति

मानव प्रजाति का इतिहास कई लाखों वर्ष पुराना है मानव की उत्पत्ति अफ्रीका महाद्वीप में मानी जाती है भारत के संदर्भ में मानव का प्रथम साक्ष्य नर्मदा घाटी क्षेत्र में मिला था । भारत में आने वाले प्रजाति समूह में भारत में सर्वप्रथम आने वाली प्रजाति नीग्रो थे ।  नीग्रो प्रोटोऑस्टोलाइट आगे पढ़े

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आदिगुरू शंकराचार्य समाधि

5 नवम्बर 2021 को केदारनाथ धाम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दीपावली के एक दिन बाद आदिगुरू शंकराचार्य की  नवीन प्रतिमा को स्थापित किया है । आदिगुरू  शंकराचार्य  द्वारा मात्र 32 वर्ष की अवस्था में केदारनाथ धाम  से कुछ दूरी पर समाधि ली थी  । 16 व 17 जून की आगे पढ़े

उत्तराखंड उत्पाद को जी० आई० टैग

भौगोलिक संकेत  (geographical indication) भौगोलिक संकेत  (geographical indication) इस का उपयोग ऐसे उत्पाद के लिये किया जाता है जिनका अपना मूल भौगोलिक  क्षेत्र होता है विशिष्ट विशेषता होती है । जी० आई० टैग द्वारा स्थनीय उत्पाद को अंतरार्ष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने में मदद मिलती है उस उत्पाद की ब्रांड आगे पढ़े

उत्तराखंड भूगोल (uttarakhand geography )

उत्तराखंड राज्य का क्षेत्रफल 53,483वर्ग किमी है   । उत्तराखंड राज्य में कुल क्षेत्रफल में पर्वतीय भाग है – 46035 वर्ग किमी (86.07%) उत्तराखंड राज्य में कुल क्षेत्रफल में मैदानी भाग है – 7448वर्गकिमी (13.93%) उत्तराखंड राज्य का क्षेत्रफल के आधार पर सबसे बड़ा जिला- चमोली क्षेत्रफल के आधार पर आगे पढ़े

चंद वंश (Chand Vansh)

          चंद वंश (Chand Vansh) (700 से 1790) चंद वंश कुमाऊं पर शासन करने वाली एक महान राज वंश था, इस वंश में लगभग 62 शासकों ने शासन किया था। चंद्र वंश की इतिहास के बारे में जानकारी की जो स्रोत है, वह सीमित है, क्योंकि आगे पढ़े

उत्तराखंड के गाँधी (Uttarakhand ke Gandhi)

  उत्तराखंड का गांधी के नाम से जाना जाता है – इंद्रमणि बडोनी पहाड़ का गांधी के नाम से जाना जाता है- जसवंत सिंह बिष्ट सल्ट का गांधी के नाम से जाना जाता है- हरगोविंद पंत कुमाऊं का गांधी के नाम से जाना जाता है- देवकी नंदन पाण्डेय पर्यावरण का आगे पढ़े

जनवरी में आयोजित होने वाले दिवस

  4 जनवरी विश्व ब्रेल दिवस ब्रेल दिव्यांग लोगे की लिपि है जिस को विकसित किया था लुईस ब्रेल ने उनकी स्मृति में यह दिवस मनाया जाता है ।    9 जनवरी प्रवासी भारतीय दिवस  9 जनवरी 1915 को गांधी जी दक्षिण अफ्रीका से भारत  वापस लौटे थे, इस उपलक्ष आगे पढ़े

राजरंम्भा पर्वत

           * कुमाऊं हिमालय इसका विस्तार सतलज से काली नदी तक है इसका पुर्वी भाग कुमांऊ तथा पश्चिमी भाग गढ़वाल कहलाता है । * उत्तराखंड सबसे ऊँचा पर्वत चोटी नन्दा देवी है जिसकी ऊंचाई 7,817 मी है । * कुमाऊं  की सबसे  ऊँची चोटी पंचाचूली है आगे पढ़े

भारतीय इतिहास के वैदिक साहित्य में उत्तराखंड का

  वैदिक सभ्यता भारतीय इतिहास में हम वैदिक सभ्यता के अंतर्गत ऋग्वेद काल या इसे पूर्व वैदिक काल कहते है इसका अद्ययन करते है वा उत्तर वैदिक काल का अध्ययन करते है । वैदिक साहित्य में वेद, ब्रहामण ग्रंथ, आरण्य, उपनिषद को शामिल किया जाता है। वेद  * वेदों के आगे पढ़े

उत्तराखंड इतिहास- प्रागैतिहासिक काल के महत्वपूर्ण प्रश्न

उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा के लिये महत्वपूर्ण प्रश्नों का संग्रह  1- उत्तराखण्ड में प्रागैतिहासिक काल का जनक किसको कहा जाता है- हेनवुड़ नोट – हेनवुड़ महोदय ने सर्वप्रथम 1856 में देवीधुरा (चंपावत) से महापाषाणकालीन पुराअवशेषों की खोज की थी। देवीधुरा (चंपावत) में बग्वाल मेला वाराही देवी मंदिर के प्रगाण में लगता आगे पढ़े

उत्तराखंड के पारम्परिक आभूषण

  प्राचीन काल से ही आभूषण मानव सभ्यता का अभिन्न अंग रहे है,  स्त्री व पुरुषों द्वारा प्राचीन समय से ही आभूषण का प्रयोग किया जाता रहा है, सभ्यता व समय के साथ- साथ आभूषण की बनावट व डिजाईन में परिवर्तन आते रहे है प्राचीन समय मानव सभ्यता के विकास आगे पढ़े

उत्तराखंड चार धाम

          चार धाम हिन्दुधर्म में मान्यता रखने वाले व्यक्तिओं के जीवन में चारधाम की यात्रा  का बड़ा महत्व है, प्रत्येक हिन्दु अपने जीवन में इन चारधाम की यात्रा कर अपने पाप कष्टों व जीवन में मोक्ष प्राप्त करना चाहता है ये चारधाम है * यमुनोत्री धाम * आगे पढ़े

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चीन का मंगल मिशन सफलतापूर्वक

* मंगल ग्रह को लाल ग्रह के नाम से भी जाना जाता है, सौरमंडल का पृथ्वी के बाद ऐसा ग्रह है जिस पर जीवन की संभावना तलाशी जा रही है समय-समय पर विश्व के देशों द्वारा ,मंगल अभियान किये गये अमेरिका, रूस, जपान, भारत, चीन यह वह देश हैं जिन्होंने आगे पढ़े

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