मोलाराम जीवन परिचय-molaram biography
मोलाराम * मंगत राम के पुत्र का नाम मोलाराम था और मोलाराम जो कि गढ़वाल चित्रशैली के एक महान चित्रकार थे उनके चित्रों में गढ़वाल चित्रशैली अपने चरमोत्कर्ष पर देखी आगे पढ़े
=
मोलाराम * मंगत राम के पुत्र का नाम मोलाराम था और मोलाराम जो कि गढ़वाल चित्रशैली के एक महान चित्रकार थे उनके चित्रों में गढ़वाल चित्रशैली अपने चरमोत्कर्ष पर देखी आगे पढ़े
गढ़वाल चित्र शैली मुगल शासक शाहजहाँ के समय उसके पुत्रों में राजगद्दी को लेकर उत्तराधिकार का युद्ध लड़ा गया था, तो उस समय दाराशिकोह के पुत्र सुलेमान शिकोह ने गढ़वाल आगे पढ़े
उत्तराखंड इतिहास को देखा जाये तो हमें ऐतिहासिक स्तर पर कुछ वीरांगना का वर्णन मिलता है, जिन्होंने अपने पराकर्म व दृढ ईच्छा शक्ति से अपने शत्रु को नाकों चने चबवायें आगे पढ़े
2 अक्टूबर को जहाँ भारत ही नहीं सम्पूर्ण विश्व में गाँधी जी के जन्मोत्सव को गाँधी जयंती के रूप में हर्षों उल्लास से मनाया जाता है, वही उत्तराखंड राज्य में आगे पढ़े
* भारत एक विविधता में एकता वाला देश है यहाँ पर अनेक जाति, धर्म, समुदाय के लोग निवास करते है इतनी विविधता होने से यहाँ अलग-अलग राज्यों में विभिन्न प्रकार आगे पढ़े
गौरादेवी * उपनाम – चिपको वूमन * जन्म वर्ष – 1925 * जन्म स्थान – लाता गाँव चमोली – * गौरा देवी भोटिया जनजाति की उपजाति – मारछा जाति से आगे पढ़े
कल्याण सिंह रावत कल्याण सिंह रावत ने पर्यावरण के प्रति मानव प्रेम को जगाने का प्रयास किया अपने पर्यावरण आन्दोलन व कार्यों द्वारा जनता को भावनात्माक रूप से पर्यावरण संरक्षण आगे पढ़े
सुंदरलाल लाल बहुगुणा प्रसिद्ध पर्यावरणविद व सामाजिक कार्यकर्ता सुंदरलाल लाल बहुगुणा जी का प्रकृति से गहरा प्रेम रहा है प्रकृति पर्यावरण के अलावा सुन्दर लाल बहुगुणा जी ने टिहरी आगे पढ़े
चंडी प्रसाद भट्ट एक साधरण परिवार में जन्म लेने वाले चंडी प्रसाद भट्ट जी का जीवन संघर्ष पूर्ण रहा अल्प आयु में इनके पिता की मृत्यु हो गयी थी, वह आगे पढ़े
स्वतंत्रता के बाद उत्तराखंड में वन आन्दोलन * स्वतंत्रता के बाद उत्तराखंड राज्य में विकास व आधुनिकरण, परिवाहन के साधनों के विस्तार को लेकर राज्य में वनों की अंधाधुन कटाई आगे पढ़े
1 गोरखा द्वारा उत्तराखण्ड आक्रमण के समय नेपाल का राजा कौन था ? क) रण बहादुर शाह ख) नर भूपाल शाह ग) पृथ्वी नरायण शाह घ) बहादुर शाह आगे पढ़े
* उत्तराखंड राज्य में वन आन्दोलन का इतिहास ब्रिटिश शासन काल से प्रारम्भ माना जाता है जब उत्तराखंड में 1815 में गोरखा को पराजित करने के पश्चात उत्तराखंड में ब्रिटिश आगे पढ़े
* 1972 वन्यजीव संरक्षण के आगे पढ़े
उत्तराखंड में चार प्रमुख संरक्षण आरक्षित क्षेत्र 1-आसन संरक्षण आरक्षित क्षेत्र (Aasan Conservation Reserve Area) * यह देहरादून जनपद में स्थित है । * इसकी स्थापना वर्ष 2005 है । आगे पढ़े
वन्य जीव अभ्यारण वन्य आगे पढ़े
राष्ट्रीय उद्यान – * वह आगे पढ़े
[embeddoc url=”http://gkuttarakhand.com/wp-content/uploads/2020/07/null-1.pdf”]
नहर-(canal) जल स्थान्तरण का साधन है, जो मानव निर्मित होती है नहर का प्रयोग कृषि कार्यों में सिंचाई के लिये किया जाता है साथ ही साथ जल को सिंचाई के आगे पढ़े
फूलों की घाटी फूलों की घाटी के उपनाम नाम * स्थानीय भाषा में फूलों की घाटी को भ्यूंडारघाटी कहा जाता है । * फूलों की घाटी को गंधमादन, बैकुंठ, आगे पढ़े
* उत्तराखंड एक पर्वतीय राज्य होने के साथ-साथ यहां पर जल संसाधन का बहुत बड़ा भंडार है यहां पर अनेक नदियां प्रवाहित होती है, जिन पर जल विद्युत परियोजनाओं की आगे पढ़े