डोबरा चांटी पुल
* परिवहन के साधनों में पूलों का बहुत बड़ा योगदान होता है इन के माध्यम से यातायात को सुगम बनाया जाता है अगर भारतीय इतिहास को देखा जाए प्राचीन समय आगे पढ़े
=
* परिवहन के साधनों में पूलों का बहुत बड़ा योगदान होता है इन के माध्यम से यातायात को सुगम बनाया जाता है अगर भारतीय इतिहास को देखा जाए प्राचीन समय आगे पढ़े
* सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा 2017 में सूर्यधारा झील को बनाने की घोषणा की गई थी , यह उनके ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक था * सूर्यधारा झील मानव आगे पढ़े
* स्वतंत्रता के बाद उत्तराखंड में 1 अगस्त 1949 को टिहरी रियासत के भारतीय संघ के विलय पत्र पर हस्ताक्षर टिहरी रियासत के अन्तिम शासक मानवेन्द्र शाह ने किये थे आगे पढ़े
[embeddoc url=”http://gkuttarakhand.com/wp-content/uploads/2021/01/UK-CONSTABLE-2012.pdf”]
श्री नंदा देवी राजजात यात्रा नंदा देवी राजजात यात्रा उत्तराखंड की ऐसी ऐतिहासिक धरोहर है, जो उत्तराखंड के सांस्कृतिक महक को पूरे भारत में बिखेरे हुए है व जनमानस को आगे पढ़े
1- अध्यापिका शब्द का पुलिंग रूप है ? A) शिक्षक B) अध्यापक C) गुरु D) प्रवक्ता 2- किंकर किसका पर्यायवाची है ? A) दीपक B) दरबान C) दास D) दक्ष आगे पढ़े
गैरसैंड का ऐतिहासिक परिचय * चाँदपुर ब्रिटिश शासन काल में एक परगना था जिसमें आठ पट्टी थी, लोहबा पट्टी उन्हीं में से एक पट्टी थी, लोहबा पट्टी अपने उपजाऊ पन आगे पढ़े
* बात कि जाय जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क कि तो ये भारत ही नहीं एशिया का सबसे पुराना नेशनल पार्क है, जिसकी स्थापना 1936 में हुई थी यह नैनीताल आगे पढ़े
* हर्षदेव जोशी को कुमांऊ के इतिहास में कूट राजनीतज्ञ, कुमांऊ का चाणक्य आदि कई नामों से जाने जाते है । हर्षदेव जोशी के उपनाम * कुमाऊँ का चाणक्य कहा आगे पढ़े
उत्तराखंड इतिहास-नागरिक सम्मान-व अन्य क्षेत्र में प्रथम व्यक्ति * कत्यूरी वंश का प्रथम शासक (संस्थापक) – बसंत देव * उत्तराखंड कुमांऊ चन्द वंश का प्रथम शासक (संस्थापक) – सोमचंद आगे पढ़े
* उत्तराखंड भारतीय संघ के ऐसा राज्य में शामिल है, जहाँ दो विधान सभा भवन है । * प्रथम विधान सभा भवन देहरादून में स्थित है, जबकि दूसरा आगे पढ़े
राज्य की अन्तरिम सरकार 9 नवम्बर 2000 को देहरादून परेड ग्राउंड में एक भव्य समारोह हुआ महामहिम राज्यपाल द्वारा नित्यानन्द स्वामी जी को नव निर्मित राज्य का प्रथम मुख्य मंत्री आगे पढ़े
बागेश्वर * प्राचीन नाम – व्याघ्रेश्वर * उपनाम – उत्तर का वाराणासी भी कहा जाता है * बागेश्वर को उत्तराखंड का नीलगिरी कहा जाता है। * बागेश्वर 15 सितंबर 1997 आगे पढ़े
आदि गुरु शंकराचार्य जीवन परिचय (788-820) * जन्म स्थान – कलाड़ी (केरल) * जन्म वर्ष – 788 ई० * माता का नाम – सुभद्रा (आर्यम्बा) * पिता का नाम – आगे पढ़े
* उत्तराखंड एक पर्वतीय राज्य है, जो अपनी जैवविवधता के लिये प्रसिद्ध है, राज्य अनके प्रकार के दुर्लभ जीव- जन्तु, वनस्पतिका का आवस स्थल है, इन्हीं में हम आज बात आगे पढ़े
बहुत कम लोग होते है, जो जीवन में प्रसिद्धि पाते है, उन्हीँ में से एक नाम है नारायण दत्त तिवारी यह एक सफल राजनीतिज्ञ रहे, लेकिन जीवन में विवादों से आगे पढ़े
मोलाराम * मंगत राम के पुत्र का नाम मोलाराम था और मोलाराम जो कि गढ़वाल चित्रशैली के एक महान चित्रकार थे उनके चित्रों में गढ़वाल चित्रशैली अपने चरमोत्कर्ष पर देखी आगे पढ़े
गढ़वाल चित्र शैली मुगल शासक शाहजहाँ के समय उसके पुत्रों में राजगद्दी को लेकर उत्तराधिकार का युद्ध लड़ा गया था, तो उस समय दाराशिकोह के पुत्र सुलेमान शिकोह ने गढ़वाल आगे पढ़े
उत्तराखंड इतिहास को देखा जाये तो हमें ऐतिहासिक स्तर पर कुछ वीरांगना का वर्णन मिलता है, जिन्होंने अपने पराकर्म व दृढ ईच्छा शक्ति से अपने शत्रु को नाकों चने चबवायें आगे पढ़े
2 अक्टूबर को जहाँ भारत ही नहीं सम्पूर्ण विश्व में गाँधी जी के जन्मोत्सव को गाँधी जयंती के रूप में हर्षों उल्लास से मनाया जाता है, वही उत्तराखंड राज्य में आगे पढ़े