उत्तराखंड इतिहास पार्ट-2-मौखिर वंश
मौखिर राजवंश 1-नाग वंश की सत्ता को उत्तराखण्ड से किसने समाप्त किया- मौखिर वंश 2-मौखिर वंश का अंतिम शासक कौन था- गृहवर्मा 3-ग्रहवर्मा की पत्नी आगे पढ़े
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मौखिर राजवंश 1-नाग वंश की सत्ता को उत्तराखण्ड से किसने समाप्त किया- मौखिर वंश 2-मौखिर वंश का अंतिम शासक कौन था- गृहवर्मा 3-ग्रहवर्मा की पत्नी आगे पढ़े
26 नवंबर को सविधान दिवस मनाया जाता है । 26 नवंबर 1949 को भारतीय संविधान बनकर तैयार हुआ था, इसे संविधान सभा द्वारा अंगीकृत किया गया था । भारत 26 आगे पढ़े
राष्ट्रीय राजनीतिक दल राष्ट्रीय पार्टी राष्ट्रीय पार्टी वह पार्टी होती है, जिसका विस्तार पूरे राष्ट्रीय में होता है अर्थात यह राष्ट्रीय स्तर की पार्टी होती है आगे पढ़े
भाषा शब्द संस्कृत की भाष्’ धातु से बना है, भाष्’ का अर्थ होता है बोलना भाषा मूलतः ध्वनि संकेतों की एक व्यवस्था है, यह मानव मुख आगे पढ़े
सड़क परिवहन हमारे अर्थव्यवथा का अभिन्न अंग है उत्तराखंड पर्वती राज्य है यहाँ सड़क मार्ग अत्यधिक ऊंचाई पर व् दुर्गम है क्योंकि यहां बरसात होने आगे पढ़े
उत्तराखंड एक पर्वतीय राज्य है यहां पर वनों की अधिकता है राज्य में देवदार,,चीड, भोजपत्र, रिंगाल, बुरांश सिसम, साल आदि के वृक्ष पाये जाते है, आगे पढ़े
परमार वंश (888~1804) उत्तराखंड परमार वंश से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य गढ़वाल में 52 गढ़ हुआ करते थे । गढ़वाल के कुछ प्रमुख गढ़ नागपुर गढ़ को पहला गढ़ माना जाता है आगे पढ़े
मानव प्रजाति का इतिहास कई लाखों वर्ष पुराना है मानव की उत्पत्ति अफ्रीका महाद्वीप में मानी जाती है भारत के संदर्भ में मानव का प्रथम साक्ष्य नर्मदा घाटी क्षेत्र में आगे पढ़े
5 नवम्बर 2021 को केदारनाथ धाम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दीपावली के एक दिन बाद आदिगुरू शंकराचार्य की नवीन प्रतिमा को स्थापित किया है । आदिगुरू शंकराचार्य द्वारा मात्र आगे पढ़े
भौगोलिक संकेत (geographical indication) भौगोलिक संकेत (geographical indication) इस का उपयोग ऐसे उत्पाद के लिये किया जाता है जिनका अपना मूल भौगोलिक क्षेत्र होता है विशिष्ट विशेषता होती है । आगे पढ़े
उत्तराखंड राज्य का क्षेत्रफल 53,483वर्ग किमी है । उत्तराखंड राज्य में कुल क्षेत्रफल में पर्वतीय भाग है – 46035 वर्ग किमी (86.07%) उत्तराखंड राज्य में कुल क्षेत्रफल में मैदानी आगे पढ़े
चंद वंश (Chand Vansh) (700 से 1790) चंद वंश कुमाऊं पर शासन करने वाली एक महान राज वंश था, इस वंश में लगभग 62 शासकों आगे पढ़े
उत्तराखंड का गांधी के नाम से जाना जाता है – इंद्रमणि बडोनी पहाड़ का गांधी के नाम से जाना जाता है- जसवंत सिंह बिष्ट सल्ट का गांधी के नाम आगे पढ़े
4 जनवरी विश्व ब्रेल दिवस ब्रेल दिव्यांग लोगे की लिपि है जिस को विकसित किया था लुईस ब्रेल ने उनकी स्मृति में यह दिवस मनाया जाता है । आगे पढ़े
* कुमाऊं हिमालय इसका विस्तार सतलज से काली नदी तक है इसका पुर्वी भाग कुमांऊ तथा पश्चिमी भाग गढ़वाल कहलाता है । * उत्तराखंड सबसे आगे पढ़े
वैदिक सभ्यता भारतीय इतिहास में हम वैदिक सभ्यता के अंतर्गत ऋग्वेद काल या इसे पूर्व वैदिक काल कहते है इसका अद्ययन करते है वा उत्तर वैदिक काल का अध्ययन आगे पढ़े
उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा के लिये महत्वपूर्ण प्रश्नों का संग्रह 1- उत्तराखण्ड में प्रागैतिहासिक काल का जनक किसको कहा जाता है- हेनवुड़ नोट – हेनवुड़ महोदय ने सर्वप्रथम 1856 में देवीधुरा आगे पढ़े
प्राचीन काल से ही आभूषण मानव सभ्यता का अभिन्न अंग रहे है, स्त्री व पुरुषों द्वारा प्राचीन समय से ही आभूषण का प्रयोग किया जाता रहा है, सभ्यता व आगे पढ़े