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डॉ. मनमोहन सिंह के जीवन को भारत के इतिहास में प्रेरणा का प्रतीक माना जाएगा, डॉ. मनमोहन सिंह जी देश के 13 वे प्रधानमंत्री तथा देश के पहले सिख प्रधानमंत्री थे, वह पंडित जवाहरलाल नेहरू के बाद दूसरे व्यक्ति थे जो लगातार दूसरी टर्म के लिए प्राइम मिनिस्टर बने

 जीवन परिचय 

मनमोहन सिंह के पिता का नाम गुरमुख सिंह कोहली था, इनकी माता जी का नाम अमृत कौर था,लगभग 11 साल की उम्र में जिनका  देहांत हो गया था I उसके बाद  इनकी दादी जमुना देवी जी द्वारा इनकी देखभाल की गयी ल मनमोहन सिंह का विवाह का विवाह गुरुशरण कौर से हुआ था, ये  तीन बेटियों के पिता भी थी इन्ह्ने यह जिम्मेदारी  बखूबी निभाई तीन बेटियां अपने अपने क्षेत्र में प्रसिद्ध है l 

पेशावर (अब पाकिस्तान) में जन्मे डॉक्टर मनमोहन सिंह ने बचपन से ही मेहनत और लगन से अपने भविष्य की नींव रखी। उनकी प्रारंभिक शिक्षा पेशावर के स्कूल से हुई, जो अब उन्हीं के नाम से जाना जाता है। विभाजन के दौरान उन्होंने अपने परिवार के साथ हिंसा और बंटवारे का दर्द सहा। बंटवारे के  बाद उनका परिवार अमृतसर में बस गया, जहां उन्होंने हिंदू कॉलेज से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया। उस समय ग्रेजुएशन की डिग्री एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती थी।

शिक्षा की ओर बढ़ता कदम

मनमोहन सिंह की शिक्षा यात्रा ने उन्हें पहले कैंब्रिज विश्वविद्यालय और फिर ऑक्सफोर्ड तक पहुंचाया, जहां उन्होंने पीएचडी की डिग्री प्राप्त की। एक युवा अर्थशास्त्री के रूप में उन्होंने अपनी पहचान बनाई। भारत लौटकर उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय में पढ़ाना शुरू किया। उनकी विद्वता और मेहनत ने उन्हें यूनाइटेड नेशंस में तीन साल तक काम करने का अवसर दिया। 1966 से 1969 तक उन्होंने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में पढ़ाया।

प्रशासनिक सेवा में प्रवेश

डॉ. सिंह की प्रतिभा ने उन्हें देश के शीर्ष प्रशासनिक पदों पर पहुंचा दिया। 1972 में वे वित्त मंत्रालय के चीफ एडवाइजर बने। इसके बाद वे रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर और योजना आयोग के उपाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत रहे। उनके कार्यों ने न केवल भारत बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उनकी पहचान बनाई।

आर्थिक सुधारों के शिल्पकार

1991 में, जब भारत आर्थिक संकट का सामना कर रहा था, प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव ने डॉ. मनमोहन सिंह को वित्त मंत्री नियुक्त किया। उन्होंने “लिबरलाइजेशन, प्राइवेटाइजेशन और ग्लोबलाइजेशन” (एलपीजी) मॉडल पेश किया, जिसने भारतीय अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। हालांकि, इस सुधार के दौरान उन्हें विरोध और आलोचना का सामना करना पड़ा, लेकिन उनके प्रयासों ने भारत को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया।

प्रधानमंत्री बनने तक का सफर

2004 में सोनिया गांधी ने उन्हें प्रधानमंत्री पद के लिए चुना। डॉ. सिंह ने दो कार्यकाल पूरे किए और कई ऐतिहासिक कदम उठाए। सूचना का अधिकार, शिक्षा का अधिकार, भोजन का अधिकार और आधार कार्ड जैसे क्रांतिकारी सुधार उनके कार्यकाल की उपलब्धियां हैं। हालांकि, उनकी आलोचना भी हुई, लेकिन उन्होंने हमेशा गरिमा बनाए रखी।

एक सादा जीवन, उच्च विचार

डॉ. मनमोहन सिंह अपनी सादगी और मिडिल क्लास सोच के लिए जाने जाते थे। प्रधानमंत्री रहते हुए भी वे अपनी पुरानी मारुति कार को देखकर अपनी जड़ों को याद करते थे। उनके बॉडीगार्ड असीम अरुण ने साझा किया कि डॉक्टर साहब ने हमेशा अपनी सादगी और ईमानदारी को बनाए रखा।

विदाई और विरासत

प्रधानमंत्री के रूप में अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद, डॉ. सिंह ने राजनीति से गरिमापूर्ण विदाई ली। गुरुवार 26 दिसम्बर 2024 92 वर्ष की उम्र में, उनका निधन हो गया डॉक्टर सिंह भारत के एक सच्चे सपूत और क्रांतिकारी सुधारों के नायक के रूप में जाने जाते थे  । डॉ. सिंह ने एक बार कहा था, “मुझे उम्मीद है इतिहास मेरा मूल्यांकन करते हुए मेरे साथ न्याय करेगा।” आज, भारत उनके योगदानों को कभी नहीं भूल सकता।

 डॉ. मनमोहन सिंह का जीवन , हमें यह सिखाता  है कि मेहनत, ईमानदारी और सादगी से किसी भी सफलता को हासिल किया जा सकता है ।

भारतीय प्रधानमंत्री और उनका कार्यकाल

  1. जवाहरलाल नेहरू (Jawaharlal Nehru)

    • कार्यकाल: 15 अगस्त 1947 से 27 मई 1964
  2. गुलजारीलाल नंदा (Gulzarilal Nanda) (अंतरिम प्रधानमंत्री)

    • पहला कार्यकाल: 27 मई 1964 से 9 जून 1964
    • दूसरा कार्यकाल: 11 जनवरी 1966 से 24 जनवरी 1966
  3. लाल बहादुर शास्त्री (Lal Bahadur Shastri)

    • कार्यकाल: 9 जून 1964 से 11 जनवरी 1966
  4. इंदिरा गांधी (Indira Gandhi)

    • पहला कार्यकाल: 24 जनवरी 1966 से 24 मार्च 1977
    • दूसरा कार्यकाल: 14 जनवरी 1980 से 31 अक्टूबर 1984
  5. मोरारजी देसाई (Morarji Desai)

    • कार्यकाल: 24 मार्च 1977 से 28 जुलाई 1979
  6. चरण सिंह (Charan Singh)

    • कार्यकाल: 28 जुलाई 1979 से 14 जनवरी 1980
  7. राजीव गांधी (Rajiv Gandhi)

    • कार्यकाल: 31 अक्टूबर 1984 से 2 दिसंबर 1989
  8. वी. पी. सिंह (V. P. Singh)

    • कार्यकाल: 2 दिसंबर 1989 से 10 नवंबर 1990
  9. चंद्रशेखर (Chandra Shekhar)

    • कार्यकाल: 10 नवंबर 1990 से 21 जून 1991
  10. पी. वी. नरसिम्हा राव (P. V. Narasimha Rao)

    • कार्यकाल: 21 जून 1991 से 16 मई 1996
  11. अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee)

    • पहला कार्यकाल: 16 मई 1996 से 1 जून 1996
    • दूसरा कार्यकाल: 19 मार्च 1998 से 22 मई 2004
  12. एच. डी. देवेगौड़ा (H. D. Deve Gowda)

    • कार्यकाल: 1 जून 1996 से 21 अप्रैल 1997
  13. आई. के. गुजराल (I. K. Gujral)

    • कार्यकाल: 21 अप्रैल 1997 से 19 मार्च 1998
  14. डॉ. मनमोहन सिंह (Dr. Manmohan Singh)

    • कार्यकाल: 22 मई 2004 से 26 मई 2014
  15. नरेंद्र मोदी (Narendra Modi)

    • पहला कार्यकाल: 26 मई 2014 से 30 मई 2019
    • दूसरा कार्यकाल: 30 मई 2019 से अब तक (वर्तमान में)

नोट:

  • गुलजारीलाल नंदा ने दो बार कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया।
  • अटल बिहारी वाजपेयी का पहला कार्यकाल केवल 13 दिन का था।
  • नरेंद्र मोदी वर्तमान में प्रधानमंत्री हैं।

 

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