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उत्तराखंड के प्रमुख पर्यावरणविद

चंडी प्रसाद भट्ट एक साधरण परिवार में जन्म लेने  वाले चंडी प्रसाद भट्ट जी का जीवन संघर्ष पूर्ण रहा अल्प आयु में इनके पिता की मृत्यु हो गयी थी,  वह जीवन की चुनौतियों को मत देते हुये निरंतर आगे बढ़ते रहे आज इन्हें  हर कोई जानता है, उत्तराखंड ही नहीं आगे पढ़े

Uttarakhand-Forest-Movements

स्वतंत्रता के बाद उत्तराखंड में वन आन्दोलन * स्वतंत्रता के बाद उत्तराखंड राज्य में विकास व आधुनिकरण, परिवाहन के साधनों के विस्तार को लेकर राज्य में वनों की अंधाधुन कटाई की गयी तो उस समय पर्वतीय जनता को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने का श्रेय  या पर्यावरण का प्रचार-प्रसार करने आगे पढ़े

उत्तराखण्ड-uttarakhand-gk-pratic-set

1 गोरखा द्वारा उत्तराखण्ड आक्रमण के समय नेपाल का राजा कौन था ? क) रण बहादुर शाह      ख) नर भूपाल शाह ग) पृथ्वी नरायण शाह घ) बहादुर शाह     2 कौन सा परमार वंश का राजा चन्द वंश का भी राजा रहा ? क) पराक्रम शाह ख) आगे पढ़े

उत्तराखंड के प्रमुख वन आन्दोलन

* उत्तराखंड राज्य में वन आन्दोलन का इतिहास ब्रिटिश शासन काल से प्रारम्भ माना जाता है जब उत्तराखंड में 1815 में  गोरखा  को पराजित करने के पश्चात उत्तराखंड में ब्रिटिश शासन की शुरुआत हुई तो अंग्रेजों ने राज्य में आधुनिकीकरण करने के लिये नगरों को बसाया व भवनों-इमारतों, का विकास आगे पढ़े

वन्य जीवों से सम्बन्धित तथ्य

                                                  * 1972 वन्यजीव संरक्षण के तहत उत्तराखंड राज्य में कस्तूरी मृग को संरक्षण देने के लिये केदारनाथ में 1972 में केदारनाथ वन्यजीव विहार की स्थापना आगे पढ़े

uttarakhand conservation reserve area

उत्तराखंड में चार प्रमुख संरक्षण आरक्षित क्षेत्र 1-आसन संरक्षण आरक्षित क्षेत्र (Aasan Conservation Reserve Area) * यह देहरादून जनपद में स्थित है ।  * इसकी स्थापना वर्ष 2005 है ।  *  4.44 वर्ग किमी० क्षेत्र में फैला हुआ है ।    2- झिलमिल संरक्षण आरक्षित क्षेत्र (Jhilmil Conservation Reserve Area आगे पढ़े

Uttarakhand wildlife sanctuary

                                                    वन्य जीव अभ्यारण वन्य जीव संरक्षण में जब किसी क्षेत्रीय प्राकृतिक ईकाई में किसी विशिष्ट जाति-प्रजाति  के वन्य प्राणी को संरक्षित किया जाता है, आगे पढ़े

National-Park-Uttarakhand

                                                  राष्ट्रीय उद्यान –  * वह क्षेत्र जो जीव जंतु वनस्पति,पारिस्थितिक तंत्र व जैवविविधता से परिपूर्ण होता है ,उसे वन्यजीव अधिनियम 1972 के अनुसार नेशनल पार्क आगे पढ़े

उत्तराखंड की नहरें (uttarakhand canal)

नहर-(canal) जल स्थान्तरण का साधन है, जो मानव निर्मित होती है नहर का प्रयोग कृषि कार्यों में सिंचाई के लिये किया जाता है साथ ही साथ जल को सिंचाई के लिये एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाया जाता है । *भारत की सबसे बड़ी नहर इंद्रा गांधी नहर आगे पढ़े

valley of flower in uttarakhand

फूलों की घाटी   फूलों की घाटी के उपनाम नाम * स्थानीय भाषा में फूलों की घाटी को भ्यूंडारघाटी कहा जाता है । *  फूलों की घाटी को गंधमादन, बैकुंठ, पुष्पावली, पुष्परसा, फ्रैंक स्माइथ घाटी आदि नाम से जाना जाता है । *  स्कंद पुराण के केदारखंड में फूलों की आगे पढ़े

Energy and Hydro Power Projects

* उत्तराखंड एक पर्वतीय राज्य होने के साथ-साथ यहां पर जल संसाधन का बहुत बड़ा भंडार है यहां पर अनेक नदियां प्रवाहित होती है, जिन पर जल विद्युत परियोजनाओं की स्थापना की गई है और भविष्य में भी जल विद्युत की संभावनाएं है । * उत्तराखंड सरकार द्वारा 1 अप्रैल आगे पढ़े

यमुना नदी तंत्र (yamuna river system)

यमुना नदी तंत्र – * यमुना नदी का उदगम उत्तरकाशी जनपद के बन्दरपूंछ पर्वत में यमुनोत्री हिमनद या यमनोत्री कंठा से होता है * यमुना नदी की राज्य में लम्बाई – 136 किमी है यमुना नदी पौराणिक नाम कालिंदी है * यह उत्तरकाशी देहरादून क्षेत्र में प्रवाहित होकर हिमाचल राज्य आगे पढ़े

bhagirathi our alknanda-river-system

* उत्तराखंड एक नदी प्रदेश व जल संचय राज्य है, यहाँ छोटी-बड़ी असंख्य नदी प्रवाहित होती है ।उत्तराखंड में प्रवाहित होने वाली जो छोटी -छोटी नदीयां है उनको को स्थानयी भाषा में गाड़ कहा जाता है ।   * यह प्रवाहित होने वाली नदीयों का पौराणिक,धार्मिक व सांस्कृतिक महत्व रहा आगे पढ़े

waterfall -in-Uttarakhand

उत्तराखंड के जलप्रपात (waterfall) * जल प्रपात उसे कहा जाता है, जहाँ नदी व बरसात का जल पहाड व चटटन से नीचे भूमि पर गिरता है । जल जब सामान्य मात्रा में गिरता है तो उसे जलप्रपात कहा जाता है । * यदि जल अधिक मात्रा में गिरता है तो आगे पढ़े

उत्तराखंड में बना देश का प्रथम लाइकेन गार्डन

उत्तराखंड मुनस्यारी में बना देश का प्रथम लाइकेन गार्डन * लाइकेन का पर्यावरण व औषधि रूप में महत्वपूर्ण स्थान है  अगर देखा जाए लाइकेन की उत्पत्ति को तो यह डायनासोर काल की वनस्पति है जो अब तक पृथ्वी पर विद्यमान है । * लाइकेन एक प्रकार के शैवाल की प्रजाति आगे पढ़े

वसीम जाफर उत्तराखंड क्रिकेट टीम कोच

वसीम जाफर ने पिछले वर्ष ही क्रिकेट के सभी प्रारूप से संन्यास लिया था, और हाल ही में उन्हें उत्तराखंड सीनियर क्रिकेट टीम का कोच नियुक्त किया गया है । वसीम जाफर की उपलब्धि – 1996-1997 मुम्बई की टीम से करियर शुरुआत बाद में विर्दभ टीम से खेले सबसे ज्यादा आगे पढ़े

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