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गैरसैंण विधानसभा भवन

  * उत्तराखंड भारतीय संघ के ऐसा राज्य में शामिल है, जहाँ दो विधान सभा भवन है ।   * प्रथम विधान सभा भवन देहरादून में स्थित है, जबकि दूसरा नव निर्मित विधान भवन गैरसैंड (चमोली)  के भराड़ीसैंड क्षेत्र में स्थित है जिसका नाम वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली विधान सभा आगे पढ़े

उत्तराखंड के प्रथम व्यक्ति

राज्य की अन्तरिम सरकार 9 नवम्बर 2000 को  देहरादून परेड ग्राउंड  में एक भव्य समारोह हुआ महामहिम राज्यपाल द्वारा  नित्यानन्द स्वामी जी को नव निर्मित राज्य का प्रथम मुख्य मंत्री के रूप में पद गोपनीयता की शपथ दिलाई गयी    * राज्य की प्रथम विधान सभा- 2002- 2007 कार्यकाल * आगे पढ़े

बागेश्वर जनपद- इतिहास-पर्यटन-धार्मिक स्थल

बागेश्वर * प्राचीन नाम –  व्याघ्रेश्वर  * उपनाम – उत्तर का वाराणासी भी कहा जाता है  * बागेश्वर को उत्तराखंड का नीलगिरी कहा जाता है। * बागेश्वर 15 सितंबर 1997 को जिला बना था । * यह उत्तराखंड का यह पूर्ण आंतरिक जिला है। * बागेश्वर की जनपद सीमा – आगे पढ़े

आदि शंकराचार्य

आदि  गुरु शंकराचार्य जीवन परिचय (788-820) * जन्म स्थान –  कलाड़ी (केरल) * जन्म वर्ष – 788 ई० * माता का नाम – सुभद्रा (आर्यम्बा) * पिता का नाम – शिव गुरु *  यह नम्बूद्री ब्राह्मण थे * प्रथम गुरु – गोविन्द योगी  * उपाधि – परमहंस * जीवनीकार आनन्द आगे पढ़े

common banded peacock state butterfly

* उत्तराखंड एक पर्वतीय राज्य है, जो अपनी जैवविवधता के लिये प्रसिद्ध है, राज्य अनके प्रकार के  दुर्लभ जीव- जन्तु, वनस्पतिका का आवस स्थल है, इन्हीं में हम आज बात करते है उत्तराखंड राज्य तितली के विषय में  वैसे तो उत्तराखंड में अनेक प्रजाति की तितली पायी जाती है उन्हीं आगे पढ़े

नारायण दत्त तिवारी का जीवन परिचय

बहुत कम लोग होते है, जो जीवन में प्रसिद्धि पाते है, उन्हीँ में से एक नाम है नारायण दत्त तिवारी यह एक सफल राजनीतिज्ञ रहे, लेकिन जीवन में विवादों से भी इनका दामन जुड़ा रहा,यह उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड  के मुख्यमंत्री पद पर आसीन रहे थे, यहाँ पर इन्होंने  ने आगे पढ़े

मोलाराम जीवन परिचय-molaram biography

मोलाराम * मंगत राम के पुत्र का नाम मोलाराम था और मोलाराम जो कि गढ़वाल चित्रशैली के एक महान चित्रकार थे उनके चित्रों में गढ़वाल चित्रशैली अपने चरमोत्कर्ष पर देखी जा सकती है  ।   राम जीवन परिचय   * जन्म वर्ष – 1743 * जन्म स्थान – श्रीनगर * आगे पढ़े

गढ़वाल शैली या पहाड़ी चित्र शैली

गढ़वाल चित्र शैली मुगल शासक शाहजहाँ के समय उसके पुत्रों में राजगद्दी को लेकर उत्तराधिकार का युद्ध लड़ा गया था, तो उस समय दाराशिकोह के पुत्र सुलेमान शिकोह ने गढ़वाल शासक पृथ्वीपति शाह के यहाँ शरण ली थी, प्रारम्भ में वह कुमांऊ शासक बाजबहादुर के पास शरण लेने गया लेकिन आगे पढ़े

तीलू रौतेली(teelu rauteli )

उत्तराखंड इतिहास को देखा जाये तो हमें ऐतिहासिक स्तर पर कुछ  वीरांगना का वर्णन मिलता है, जिन्होंने अपने पराकर्म व दृढ ईच्छा शक्ति से अपने शत्रु को नाकों चने चबवायें और उत्तराखंड  इतिहास में यह वीरांगनायें अमर हो गयी है, इन्हीं वीरांगना में से एक वीरांगना है, तिलोत्तमा देवी उर्फ आगे पढ़े

मुजफ्फर नगर कांड (रामपुर तिराहा कांड)

2 अक्टूबर को जहाँ भारत ही नहीं सम्पूर्ण विश्व में गाँधी जी के जन्मोत्सव को गाँधी जयंती के रूप में हर्षों उल्लास से मनाया जाता है, वही उत्तराखंड राज्य में 2 अक्टूबर 1994 को उत्तराखंड पृथक राज्य आन्दोलन के दौरान उत्तराखंड राज्य आन्दोलन के इतिहास के लिया एक काला अध्याय आगे पढ़े

हिलजात्रा महोत्सव -hill-jatra folk festival

* भारत एक विविधता में एकता वाला देश है यहाँ पर अनेक जाति, धर्म, समुदाय के लोग निवास करते है इतनी विविधता होने से यहाँ अलग-अलग राज्यों में विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक,धार्मिक, पर्वों का आयोजन किया जाता है जो देश को एक रूप में जोड़ने का कार्य करते है । आगे पढ़े

उत्तराखंड के प्रमुख पर्यावरणविद-part-4

गौरादेवी * उपनाम – चिपको वूमन * जन्म वर्ष – 1925 * जन्म स्थान – लाता गाँव चमोली –  * गौरा देवी भोटिया जनजाति की उपजाति – मारछा जाति से सम्बन्ध रखती थी । * पति का नाम – मेहरबान सिंह ( तोरछा जनजाति से थी ) * गौरा देवी आगे पढ़े

उत्तराखंड के प्रमुख पर्यावरणविद -पार्ट-3

कल्याण सिंह रावत कल्याण सिंह रावत ने पर्यावरण के प्रति मानव प्रेम को जगाने का प्रयास किया अपने पर्यावरण आन्दोलन व कार्यों द्वारा जनता को भावनात्माक रूप से  पर्यावरण संरक्षण से जोडा एक नये विचार  आन्दोलन का सूत्रपत किया जिसे मैती आन्दोलन के नाम से जाना जाता है ।   आगे पढ़े

उत्तराखंड के प्रमुख पर्यावरणविद – पार्ट-2

सुंदरलाल लाल बहुगुणा   प्रसिद्ध पर्यावरणविद व सामाजिक कार्यकर्ता सुंदरलाल लाल बहुगुणा जी का प्रकृति से गहरा प्रेम रहा है प्रकृति पर्यावरण  के अलावा सुन्दर लाल बहुगुणा जी ने टिहरी रियासत में राजतंत्र आन्दोलन व पत्रकारिता समाज में व्यापत सामाजिक वर्ण व्यवस्था के विरुद्ध कार्य किया था । सुंदरलाल लाल आगे पढ़े

उत्तराखंड के प्रमुख पर्यावरणविद

चंडी प्रसाद भट्ट एक साधरण परिवार में जन्म लेने  वाले चंडी प्रसाद भट्ट जी का जीवन संघर्ष पूर्ण रहा अल्प आयु में इनके पिता की मृत्यु हो गयी थी,  वह जीवन की चुनौतियों को मत देते हुये निरंतर आगे बढ़ते रहे आज इन्हें  हर कोई जानता है, उत्तराखंड ही नहीं आगे पढ़े

Uttarakhand-Forest-Movements

स्वतंत्रता के बाद उत्तराखंड में वन आन्दोलन * स्वतंत्रता के बाद उत्तराखंड राज्य में विकास व आधुनिकरण, परिवाहन के साधनों के विस्तार को लेकर राज्य में वनों की अंधाधुन कटाई की गयी तो उस समय पर्वतीय जनता को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने का श्रेय  या पर्यावरण का प्रचार-प्रसार करने आगे पढ़े

उत्तराखण्ड-uttarakhand-gk-pratic-set

1 गोरखा द्वारा उत्तराखण्ड आक्रमण के समय नेपाल का राजा कौन था ? क) रण बहादुर शाह      ख) नर भूपाल शाह ग) पृथ्वी नरायण शाह घ) बहादुर शाह     2 कौन सा परमार वंश का राजा चन्द वंश का भी राजा रहा ? क) पराक्रम शाह ख) आगे पढ़े

उत्तराखंड के प्रमुख वन आन्दोलन

* उत्तराखंड राज्य में वन आन्दोलन का इतिहास ब्रिटिश शासन काल से प्रारम्भ माना जाता है जब उत्तराखंड में 1815 में  गोरखा  को पराजित करने के पश्चात उत्तराखंड में ब्रिटिश शासन की शुरुआत हुई तो अंग्रेजों ने राज्य में आधुनिकीकरण करने के लिये नगरों को बसाया व भवनों-इमारतों, का विकास आगे पढ़े

वन्य जीवों से सम्बन्धित तथ्य

                                                  * 1972 वन्यजीव संरक्षण के तहत उत्तराखंड राज्य में कस्तूरी मृग को संरक्षण देने के लिये केदारनाथ में 1972 में केदारनाथ वन्यजीव विहार की स्थापना आगे पढ़े

uttarakhand conservation reserve area

उत्तराखंड में चार प्रमुख संरक्षण आरक्षित क्षेत्र 1-आसन संरक्षण आरक्षित क्षेत्र (Aasan Conservation Reserve Area) * यह देहरादून जनपद में स्थित है ।  * इसकी स्थापना वर्ष 2005 है ।  *  4.44 वर्ग किमी० क्षेत्र में फैला हुआ है ।    2- झिलमिल संरक्षण आरक्षित क्षेत्र (Jhilmil Conservation Reserve Area आगे पढ़े

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