chand vansh – कुमाऊं का चन्द राजवंश -3
चन्द वंश – महत्वपूर्ण- प्रश्नों का संग्रह 1-भारतीचंद गद्दी पर कब बैठा- 1437 2-भारतीचंद ने किस खस नेता की सहायता से विक्रमचंद को मार भगाया- श्रीसोण करायत 3-उत्तराखण्ड के इतिहास में किसी शासक आगे पढ़े
=
चन्द वंश – महत्वपूर्ण- प्रश्नों का संग्रह 1-भारतीचंद गद्दी पर कब बैठा- 1437 2-भारतीचंद ने किस खस नेता की सहायता से विक्रमचंद को मार भगाया- श्रीसोण करायत 3-उत्तराखण्ड के इतिहास में किसी शासक आगे पढ़े
चन्द वंश – महत्वपूर्ण- प्रश्नों का संग्रह 1-कौन सा चंद शासक खस राजाओं द्वारा से पराजित हुआ था – वीणाचंद 2-किस चंद शासक के समय चंद वंश की सत्ता उनके हाथो से चली गई थी- वीणाचंद 3- वीणा चंद किन राजा द्वारा पराजित हुआ था – खस राजा से * आगे पढ़े
चन्द राजवंश 1-चन्द वंश का संस्थापक कौन था – सोमचंद * बद्री दत्त पाण्ड़े चंद वंश का संस्थापक किसे मानते है – सोमचंद सोमचंद को प्रसिद्ध विद्वान एटकिंशन सोमचंद को चन्द वंश का संस्थापक मानते है । * एटकिंशन- आगे पढ़े
शास्त्रीय भाषा का दर्जा: एक ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य भारत में शास्त्रीय भाषा का दर्जा प्रदान करने की शुरुआत 2004 में हुई, जब संस्कृत को यह सम्मान प्राप्त हुआ। इसके बाद, 2005 में तमिल, तेलुगू और कन्नड़ को यह दर्जा मिला। 2008 में मलयालम, 2013 में उड़िया और आगे पढ़े
भारत द्वारा संचालित प्रमुख ऑपरेशन: एक अवलोकन भारत ने समय-समय पर विभिन्न संकटों और चुनौतियों का सामना करने के लिए कई महत्वपूर्ण सैन्य, मानवीय और बचाव अभियान चलाए हैं। ये ऑपरेशन न केवल भारत की रणनीतिक और मानवीय क्षमताओं को दर्शाते हैं, बल्कि वैश्विक मंच पर आगे पढ़े
गौतम बुद्ध से जुड़ी विभिन्न मुद्राएं और प्रतीक धर्मचक्र मुद्रा-संस्कृत में ‘धर्मचक्र’ शब्द का अर्थ धर्म चक्र है, इसलिए, धर्मचक्र मुद्रा धर्म चक्र के घूमने का प्रतिनिधित्व करती है. इस मुद्रा में गौतम बुद्ध, दोनों हाथों के अंगूठे और तर्जनी के सिरों को जोड़कर एक आगे पढ़े
गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुख्य आकर्षण का केंद्र होता है गणतंत्र दिवस की परेड व उस में शामिल होने वाली झाकियां जो अलग-अलग राज्य व मंत्रालय की होती है उन झाकियों की अनूठी थीम होती है, जो भारत व उस राज्य के सांस्कृतिक, आगे पढ़े
डॉ. मनमोहन सिंह: एक मिडिल क्लास लड़के से प्रधानमंत्री तक का सफर डॉ. मनमोहन सिंह के जीवन को भारत के इतिहास में प्रेरणा का प्रतीक माना जाएगा, डॉ. मनमोहन सिंह जी देश के 13 वे प्रधानमंत्री तथा देश के पहले सिख प्रधानमंत्री थे, वह पंडित जवाहरलाल नेहरू आगे पढ़े
बिहार के वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास: 13 साल की उम्र में बने आईपीएल के सबसे युवा खिलाड़ी बिहार के समस्तीपुर जिले के रहने वाले वैभव सूर्यवंशी ने महज 13 साल की उम्र में इतिहास रचते हुए आईपीएल ऑक्शन 2024 में सबसे युवा खिलाड़ी के रूप में जगह बनाई है। राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें आगे पढ़े
विक्टर मोहन जोशी: एक महान समाजसेवी और स्वतंत्रता सेनानी जन्म: 1886 ई. (नैनीताल) पिता का नाम: जयदत जोशी विक्टर मोहन जोशी एक प्रतिष्ठित भारतीय समाजसेवी, स्वतंत्रता सेनानी और पत्रकार थे। नैनीताल में जन्मे जोशी ने प्रारंभिक शिक्षा अल्मोड़ा के रेमजे हाईस्कूल से प्राप्त की। बाद में इरविन आगे पढ़े
हाट कालिका सिद्ध पीठ: गंगोलीहाट का पवित्र शक्तिपीठ गंगोलीहाट, उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले से लगभग 77 किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल है। यह क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है। यहां स्थित हाट कालिका सिद्ध पीठ आगे पढ़े
बागनाथ मंदिर (बागेश्वर): एक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर बागेश्वर का बागनाथ मंदिर भगवान शिव को समर्पित एक धार्मिक स्थल है, जो गोमती और सरयू नदी के संगम पर स्थित है। इसे उत्तर भारत के वाराणसी के समान धार्मिक महत्व प्राप्त है। यहां की पवित्र सरयू नदी, जिसे आगे पढ़े
कैंची धाम – बाबा नीम करोली महाराज बाबा नीम करोली महाराज जन्म: अकबरपुर ग्राम, जिला आगरा, उत्तर प्रदेश मूल नाम: लक्ष्मी नारायण शर्मा मृत्यु: 11 सितंबर 1974, वृंदावन उत्तराखंड के नैनीताल के पास खैरना मार्ग पर स्थित कैंची धाम, एक प्रसिद्ध आध्यात्मिक स्थल है। यह महान संत आगे पढ़े
श्री नीलकंठ महादेव मंदिर, पौड़ी गढ़वाल (उत्तराखंड) श्री नीलकंठ महादेव मंदिर उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के यम्केश्वर ब्लॉक में स्थित है। यह पवित्र मंदिर गांव पुण्डरासु में, मणिकूट, विष्णुकूट और ब्रह्मकूट पर्वतों के मध्य, एक सुंदर प्राकृतिक परिवेश में स्थित है। इस मंदिर का निर्माण द्रविड़ शैली आगे पढ़े
द्वाराहाट मंदिर समूह: उत्तराखंड का सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर उत्तराखंड राज्य के अल्मोड़ा जनपद में स्थित ऐतिहासिक नगर द्वाराहाट अपनी समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर के लिए प्रसिद्ध है। इस नगर को ‘उत्तर की द्वारिका’ के नाम से भी जाना जाता है। पर्वतीय घाटियों में स्थित, आगे पढ़े
गोलू देवता मंदिर (घोड़ाखाल): न्याय के देवता का दिव्य स्थल उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित भवाली से कुछ ही दूरी पर घोड़ाखाल के रमणीय पहाड़ी क्षेत्र में स्थित गोलू देवता मंदिर एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। कुमाऊं क्षेत्र में गोलू देवता को सर्वाधिक लोकमान्यता प्राप्त देवता आगे पढ़े
शैलेश मटियानी: उत्तराखंड के आंचलिक उपन्यासकार शैलेश मटियानी, जिन्हें उत्तराखंड का आंचलिक उपन्यासकार कहा जाता है, आधुनिक हिंदी साहित्य के प्रमुख हस्ताक्षर थे। उनका जन्म 14 अक्टूबर 1931 को उत्तराखंड के अल्मोड़ा में हुआ। उनका वास्तविक नाम रमेश मटियानी था, लेकिन साहित्यिक दुनिया में वे शैलेश मटियानी आगे पढ़े
डॉ. शेखर पाठक: इतिहासकार और पर्यावरण प्रेमी जीवन परिचय डॉ. शेखर पाठक उत्तराखंड के एक प्रसिद्ध भारतीय इतिहासकार, लेखक और विद्वान हैं यह कुमांऊ यूनिवर्सिटी में इतिहास के प्रोफेशर के पद पर भी कार्यरत रहे थे । उनका जन्म 1951 में हुआ था। इतिहास, संस्कृति, और पर्यावरण आगे पढ़े
रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड का एक अद्वितीय जनपद परिचय रुदप्रयाग का प्रचीन नाम पुनाड़ तथा महाभारत काल में इसे रुद्रावर्त कहते थे रुद्रप्रयाग, उत्तराखंड के प्रमुख जनपदों में से एक है, जिसकी स्थापना 18 सितम्बर 1997 को हुई थी। अपने ऐतिहासिक, धार्मिक, और प्राकृतिक महत्व के कारण यह जनपद विशेष आगे पढ़े